रायपुर। भारतीय घरों में कढ़ी एक बेहद पसंद की जाने वाली डिश है। खासकर बारिश के मौसम में गरमागरम कढ़ी-चावल का स्वाद ही अलग होता है। लेकिन कई बार दही ज्यादा खट्टा होने या बेसन और दही का अनुपात सही न रहने के कारण कढ़ी का स्वाद जरूरत से ज्यादा खट्टा हो जाता है। ऐसी स्थिति में पूरी कढ़ी खराब करने या उसे फेंकने की जरूरत नहीं है।
कुछ आसान घरेलू तरीकों की मदद से कढ़ी की खटास को काफी हद तक बैलेंस किया जा सकता है। इसके लिए आपको किचन में मौजूद कुछ सामान्य चीजों की ही जरूरत पड़ेगी।

थोड़ा मीठापन करें शामिल
कढ़ी की खटास को बैलेंस करने का सबसे आसान तरीका इसमें थोड़ी मात्रा में चीनी या गुड़ डालना है। ध्यान रखें कि इसे एक साथ ज्यादा मात्रा में न डालें।
पहले आधा चम्मच चीनी या थोड़ा-सा गुड़ डालकर कढ़ी को अच्छी तरह मिलाएं और कुछ मिनट पकाएं। इसके बाद स्वाद चखें। जरूरत लगे तो थोड़ी और मात्रा डाली जा सकती है।
इससे कढ़ी का स्वाद मीठा नहीं होगा, बल्कि खटास कम होकर स्वाद ज्यादा संतुलित हो जाएगा।
बेसन का घोल बढ़ा सकता है बैलेंस
अगर कढ़ी बहुत ज्यादा खट्टी होने के साथ पतली भी है, तो थोड़ा बेसन का घोल तैयार करके इसमें मिलाया जा सकता है।
बेसन को पहले ठंडे पानी में अच्छी तरह घोलें, ताकि गांठ न बने। इसके बाद इसे धीरे-धीरे कढ़ी में डालते हुए लगातार चलाएं। कुछ देर धीमी आंच पर पकाने से कढ़ी की कंसिस्टेंसी भी बेहतर होगी और खटास की तीव्रता कुछ कम महसूस हो सकती है।
थोड़ा पानी या बिना नमक वाली कढ़ी मिलाएं
अगर खटास बहुत ज्यादा है, तो कढ़ी की मात्रा बढ़ाना भी एक अच्छा विकल्प है। इसमें थोड़ा पानी डालकर धीमी आंच पर पकाया जा सकता है।
हालांकि, सिर्फ पानी डालने से स्वाद फीका हो सकता है। इसलिए जरूरत के अनुसार बेसन, नमक और मसालों का संतुलन भी बनाए रखें।
अगर संभव हो तो बिना ज्यादा खटास वाली थोड़ी अतिरिक्त कढ़ी बनाकर उसे पहले से तैयार कढ़ी में मिला सकते हैं। इससे स्वाद ज्यादा आसानी से संतुलित हो जाएगा।
मलाई या थोड़ा दूध भी आ सकता है काम
बहुत ज्यादा खट्टी कढ़ी में थोड़ी मलाई मिलाने से खटास की तीव्रता कम महसूस हो सकती है। इसके अलावा थोड़ी मात्रा में दूध भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
लेकिन दूध सीधे बहुत गर्म या तेज उबलती कढ़ी में डालने से उसके फटने का जोखिम हो सकता है। इसलिए आंच कम रखें और दूध को धीरे-धीरे मिलाते हुए लगातार चलाएं।
तड़के से स्वाद को दें नया ट्विस्ट
कई बार कढ़ी में सही तड़का लगाने से भी खटास का असर काफी कम महसूस होता है। इसके लिए घी या तेल में जीरा, राई, करी पत्ता, हींग और सूखी लाल मिर्च का तड़का तैयार करें।
इसे तैयार कढ़ी में डालकर कुछ मिनट धीमी आंच पर पकाएं। तड़के की खुशबू और मसालों का स्वाद कढ़ी के ओवरऑल फ्लेवर को बैलेंस करने में मदद करेगा।
नमक बढ़ाने की गलती न करें
कढ़ी ज्यादा खट्टी होने पर कई लोग अंदाजे से नमक बढ़ाने लगते हैं। ऐसा करने से समस्या और बढ़ सकती है। नमक खटास को खत्म नहीं करता, बल्कि ज्यादा मात्रा में डालने पर कढ़ी का स्वाद बिगड़ सकता है।
इसलिए पहले मीठापन, मात्रा और कंसिस्टेंसी को बैलेंस करें और आखिर में नमक चखकर ही एडजस्ट करें।
सबसे आसान तरीका क्या है?
अगर कढ़ी हल्की ज्यादा खट्टी हो गई है, तो थोड़ी चीनी या गुड़ डालना सबसे आसान उपाय है। अगर खटास बहुत ज्यादा है, तो बेसन का घोल या थोड़ी अतिरिक्त बिना खट्टी कढ़ी मिलाकर मात्रा बढ़ाना ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है।
इस तरह थोड़ी-सी सावधानी के साथ जरूरत से ज्यादा खट्टी हुई कढ़ी को भी स्वादिष्ट और संतुलित बनाया जा सकता है।
