Entertainment Desk। नाना पाटेकर को बॉलीवुड के उन कलाकारों में गिना जाता है, जिन्होंने स्टारडम मिलने के बाद भी अपनी सादगी और जमीन से जुड़े अंदाज को नहीं छोड़ा। मुंबई जैसे शहर में लंबे समय तक काम करने के बावजूद उनका मन गांव की शांत जिंदगी में ही रमता था। उनके पास मुंबई में घर के अलावा पुणे के पास 27 एकड़ में फैला फार्महाउस और गोवा में भी एक घर था, लेकिन उन्हें गांव की जिंदगी सबसे ज्यादा पसंद थी।

नाना पाटेकर मुंबई के अंधेरी स्थित समर्थ नगर, लोखंडवाला इलाके में एक साधारण 1 BHK फ्लैट में रहते थे। दूसरी ओर, पुणे के पास खडकवासला में उनका बड़ा फार्महाउस था, जहां वे खेती-बाड़ी भी किया करते थे। गोवा के डोना पाउला में भी उनका घर था। उनका पुश्तैनी गांव महाराष्ट्र के रत्नागिरी में बताया जाता है।
KBC में अमिताभ बच्चन को बताई थी गांव लौटने की वजह
नाना पाटेकर 8 जून 2025 को क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ में बतौर गेस्ट पहुंचे थे। शो के दौरान अमिताभ बच्चन ने उनसे पूछा था कि जिंदगी में इतना कुछ हासिल करने के बाद भी उन्होंने शहर से दूरी बनाकर गांव में रहना क्यों पसंद किया।
इस पर नाना पाटेकर ने कहा था कि वह खुद को फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा नहीं मानते। उनका कहना था कि वह फिल्मों में काम करने के लिए आते हैं और काम खत्म होने के बाद वापस चले जाते हैं। उन्होंने बताया था कि वह पार्टियों में जाना पसंद नहीं करते और शहर में ज्यादा समय बिताने के बजाय गांव की जिंदगी उन्हें ज्यादा पसंद है।
‘मेरी जरूरतें बहुत सीमित हैं’
नाना पाटेकर ने अपनी सादगी का जिक्र करते हुए कहा था कि जिंदगी में जरूरतें सीमित रखना मुश्किल नहीं है। उन्होंने यह भी बताया था कि उनके घर में एसी तक नहीं है, क्योंकि उन्हें इसकी जरूरत महसूस नहीं होती।
अभिनेता ने अपने घर के आसपास के माहौल का जिक्र करते हुए कहा था कि शहरों में घर चारों तरफ दीवारों से घिरे होते हैं, जबकि उनके घर के चारों ओर पहाड़ हैं। पहाड़ों से घिरे इस शांत माहौल में रहना उन्हें काफी पसंद था।
खेती-बाड़ी में भी दिलचस्पी रखते थे नाना
फिल्मों से अलग नाना पाटेकर का जुड़ाव खेती और ग्रामीण जीवन से भी रहा। पुणे के पास स्थित उनके फार्महाउस में वे खेती-बाड़ी करते थे। यही वजह थी कि करोड़ों रुपये की कमाई और स्टारडम के बावजूद उनकी जीवनशैली काफी सादगी भरी रही।
उनका मानना था कि खुश रहने के लिए बहुत ज्यादा चीजों की जरूरत नहीं होती। गांव का शांत वातावरण और प्रकृति के करीब रहना उन्हें शहर की भागदौड़ से ज्यादा पसंद था।
थिएटर से फिल्मों तक का सफर
नाना पाटेकर ने अभिनय की दुनिया में आने से पहले कमर्शियल आर्टिस्ट के तौर पर काम किया था। उन्होंने मुंबई के दादर वेस्ट स्थित समर्थ विद्यालय में पढ़ाई की और बाद में सर जे.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट से कमर्शियल आर्ट में डिप्लोमा किया।
फिल्मों में आने से पहले उन्होंने पोस्टर बनाने और जेब्रा क्रॉसिंग पेंट करने जैसे काम भी किए। बाद में थिएटर से होते हुए उन्होंने फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई और हिंदी तथा मराठी सिनेमा के प्रमुख कलाकारों में शामिल हुए।
परिवार में पत्नी और बेटा
नाना पाटेकर की पत्नी नीलकांति पाटेकर पूर्व बैंक अधिकारी, अभिनेत्री और थिएटर से जुड़ी रही हैं। दोनों ने 1978 में शादी की थी। बाद में दोनों अलग रहने लगे, हालांकि उनका आधिकारिक तलाक नहीं हुआ।
उनके बेटे मल्हार पाटेकर फिल्म निर्माण से जुड़े हैं और नाना साहेब प्रोडक्शन हाउस चलाते हैं। नाना पाटेकर के एक अन्य बेटे दुर्वासा का महज दो साल की उम्र में बीमारी के कारण निधन हो गया था।
