राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह है रामकी कंपनी के करीब 900 सफाई कर्मचारियों का हड़ताल पर चले जाना।

शहर में दिखा हड़ताल का असर
हड़ताल के चलते नगर निगम की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
- प्रमुख बाजारों और कॉलोनियों में कचरा जमा
- समय पर कचरा उठाव नहीं हो रहा
- बदबू और गंदगी से आम जनता परेशान
कई इलाकों में हालात ऐसे हैं कि लोगों को घरों के बाहर कचरा रखने में भी दिक्कत हो रही है।
कर्मचारियों की मांग क्या है?
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मुख्य मांगें:
- वेतन और भुगतान में सुधार
- कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाना
- ठेका प्रणाली में पारदर्शिता
कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
जनता पर असर, बढ़ा स्वास्थ्य खतरा
सफाई व्यवस्था ठप होने से शहर में संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
विशेषकर गर्मी के मौसम में कचरे के ढेर से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका है।
प्रशासन की चुनौती
नगर निगम और प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है कि जल्द से जल्द इस हड़ताल का समाधान निकाला जाए, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था बहाल हो सके।
